राष्ट्रीय पाण्डुलिपि कार्यशाला 2025
यह 8-दिवसीय विशेष शिविर (कार्यशाला) प्राचीन जैन विरासत और पाण्डुलिपि विज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए आयोजित किया गया था । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राचीन लिपियों को पढ़ने, संरक्षित करने और संपादित करने में कुशल बनाना है ।
प्रमुख जानकारी (Key Highlights)
- आयोजन की अवधि: 6 अक्टूबर से 13 अक्टूबर, 2025 तक
- आयोजक संस्थाएँ: यह कार्यशाला दर्शन शास्त्र विभाग (राजस्थान विश्वविद्यालय), पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट और सम्यक ज्ञान प्रचार प्रसार ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी
- सहभागी संस्थान: इसमें शाश्वत धाम (उदयपुर), कोटा विद्यालय और टोडरमल सिद्धांत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया
पाठ्यक्रम और विशेषज्ञ (Curriculum & Experts)
- कार्यशाला के दौरान कुल 31 सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिदिन तीन नियमित सत्र और एक अभ्यास सत्र (Practical Session) होता था ।
- प्राचीन देवनागरी लिपि: डॉ. प्रीति पंचोली द्वारा पाण्डुलिपियों में प्रयुक्त होने वाली प्राचीन देवनागरी लिपि और अंकों का अभ्यास कराया गया ।
- ग्रंथम लिपि (Grantham Script): डॉ. धर्मेंद्र भट्ट (एल.डी. इंस्टीट्यूट, अहमदाबाद) ने दक्षिण भारतीय पाण्डुलिपियों को पढ़ने के लिए आवश्यक 'ग्रंथम लिपि' का गहन प्रशिक्षण दिया
- पाण्डुलिपि संरक्षण (Conservation): डॉ. सोम बाबू शर्मा द्वारा पाण्डुलिपियों को सुरक्षित रखने और उनके भौतिक रख-रखाव की वैज्ञानिक विधियाँ सिखाई गईं
- संपादन कला (Editing): प्रोफेसर श्रेयांश जैन द्वारा अप्रकाशित पाण्डुलिपियों के संपादन (Sampadan) की बारीकियों पर मार्गदर्शन दिया गया
कार्यशाला का लक्ष्य (Workshop Objectives)
- ज्ञान का पुनरुद्धार: हज़ारों की संख्या में मौजूद अप्रकाशित (Aprakashit) पाण्डुलिपियों को पढ़कर उन्हें आधुनिक समाज के सामने लाना
- व्यावसायिक अवसर: विद्यार्थियों को पाण्डुलिपि विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रोत्साहित करना
- संस्थानिक सहयोग: शोधकर्ताओं को आर्थिक अनुदान, आवास व्यवस्था और विद्वानों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराना
उपलब्धियां और परिणाम (Achievements & Results)
- पंजीकरण: कुल 86 प्रतिभागी इस कार्यशाला में पंजीकृत हुए
- परीक्षा: 79 प्रतिभागियों ने अंतिम परीक्षा दी और सभी उत्तीर्ण रहे
- ग्रेडिंग: 28 विद्यार्थियों ने 'A+' ग्रेड (46-50 अंक) प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया
यह कार्यशाला केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी विलुप्त होती प्राचीन ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने का एक सशक्त प्रयास है
Price
From
₹1.00
Courses Title
राष्ट्रीय पाण्डुलिपि कार्यशाला 2025
Language
Not specified
Course Level
All Levels
Reviews
0
Quizzes
154
Duration
9h 09m
Students
0
Certifications
Yes
Start Time
28 Jan, 2026
Instructor
Samyak Gyan Prachar Prasar Trust
₹1.00
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